बिखरे मोती

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बचत

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“बहु अगर रोज- रोज कामवाली से चिकचिक करोगी तो ये भी काम छोड़ कर चली जायेगी , कामवाली के जाने के बाद सास ने बहु को समझाते हुए कहा I”

“लेकिन मैं इसकी धौंस क्यों सहूँ ; काम छोड़ कर जाना है तो कल की जाती आज चली जाये ; मेरी बला से I”

“बहू वो तो ठीक है , लेकिन जरा सोच यदि ये भी काम छोड़ कर चली गयी तो फिर घर का काम कौन करेगा I नई कामवाली आसानी से नहीं मिलेगी क्योंकि दूसरी कामवालियां हमारे घर में काम करने से वैसे ही कतराने लगी है ; ये वाली भी तो कितनी मुश्किल से काम करने के लिए तैयार हुई थी I”

“ अरे अम्मा जी क्यों परेशान हो रही हो , बस दो महीने की ही तो बात है , फिर तो शादी के बाद सुकेश की  बहु घर में आ ही जाएगी ; संभालेगी घर का सारा काम काज ; साथ ही घर में दो पैसे भी बचेंगे I”

सास को कुछ सोचते देख कर बहू ने पूछा “अम्मा जी , आप क्या सोचने लगी ?”

“ अ……रे  कुछ नहीं , मैं  तो तेरी बात के पीछे बस यही सोच रही थी यदि मैं भी उसी  समय जब तू शादी करके इस घर में आई थी काम वाली को हटा देती तो इस घर में एक दो कमरे और खड़े हो गए होते लेकिन मैं तेरे जैसी होशियार कहाँ …….?”



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